नए वर्ष की दहलीज पर उत्तराखंड : चिंतन और आत्ममंथन की आवश्यकता: साल विदा ले चुका है और नए वर्ष 2026 का आगमन हो चुका है। लेकिन उत्तराखंड की परिस्थितियाँ अब भी गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं। शासन–प्रशासन के निर्णयों और प्राथमिकताओं का प्रभाव अंततः जनता को ही झेलना पड़ता है। यह स्थिति केवल किसी एक वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की चिंता
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