सिकुड़ती बाहरी दुनिया और बदलती सामाजिक व्यवस्था: -देवेंद्र कुमार बुडाकोटी- छोटे बच्चों और किशोरों के माता-पिता आजकल मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं। आज की पीढ़ी के बच्चे मानो चौबीसों घंटे मोबाइल फोन से चिपके रहते हैं। एक दिन मैंने किशोर पद्हानी से पूछा कि वह हर समय मोबाइल फोन में ही क्यों व्यस्त रहता है।
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