जंतर-मंतर में गालियाँ: गाली-गलौज का समाजशास्त्र: — देवेंद्र कुमार बुडाकोटी हाल ही में प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान पोस्टरों, बैनरों, नारों और सोशल मीडिया रीलों में व्यापक रूप से अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग देखने को मिला। सार्वजनिक आंदोलनों में इस प्रकार की गाली-गलौज आखिर क्या संकेत देती है? क्या यह पीढ़ियों के बीच बढ़ती
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