दुर्गा पूजा केअवसर विशेष : पर यह सब किसलिए ….?: - गोविन्द प्रसाद बहुगुणा दुर्गा पूजा के इस अवसर पर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘स्त्रियाँ’ की कुछ पंक्तियाँ स्मरण हो आईं, तो उन्हें साझा करने का मन हुआ। आज महिला सशक्तीकरण और मातृशक्ति के सम्मान के नारे खूब लगाए जाते हैं। नारी को देवी और शक्ति का स्वरूप बताकर उसकी आराधना की जाती है। लेकिन
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