दो महाकवियों का अद्भुत संयोग – रवीन्द्र और निराला: -गोविन्द प्रसाद बहुगुणा- विद्यार्थीकाल से ही मेरा गहरा लगाव इन दो दो महाकवियों के प्रति बड़ा गहरा रहा है इसका प्रमुख कारण उस समय के जो हमारे अध्यापक थे, वही इसके सूत्रधार थे -रुद्रपरायग में पढ़ते समय हमारे प्रधानाचार्य श्री हीराबल्लभ थपलियाल जी स्कूल की सामूहिक प्रार्थना ( Assembly Prayer ) में गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर
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