1857 की क्रांति: तात्या टोपे का दुर्लभ पत्र और सुनियोजित विद्रोह की सच्चाई: — उषा रावत मध्य प्रदेश के अभिलेखागार से हाल ही में मिला एक जर्जर, फीकी स्याही वाला पत्र भारतीय इतिहास के उस अध्याय को नए सिरे से पढ़ने का अवसर देता है, जिसे हम लंबे समय से ‘स्वतःस्फूर्त विद्रोह’ मानते रहे हैं। इस पत्र पर अंकित तात्या टोपे के स्पष्ट हस्ताक्षर न केवल इसकी
No comments:
Post a Comment