हिंदी कोई स्थिर और बंद संरचना नहीं है: - उषा रावत - भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं है। वह मनुष्य की स्मृति, संवेदना, अनुभव, ज्ञान और संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने वाली जीवंत धारा है। किसी भाषा को समझना वास्तव में उस समाज के इतिहास, उसकी जीवन-पद्धति, संघर्षों, सपनों और सामूहिक चेतना को समझना है। इसलिए भाषा
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