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Thursday, June 18, 2026

सिनेमा एक मिली-जुली कला है, जिसकी आवाज़ एक ही होती है

सिनेमा एक मिली-जुली कला है, जिसकी आवाज़ एक ही होती है: एक एडिटर की मुख्य ज़िम्मेदारी है कि वह असरदार ट्रांज़िशन के ज़रिए लंबे समय की बातों को कुछ ही मिनटों के स्क्रीन-टाइम में समेटकर "समय की अवधारणा में बदलाव" करे: दीपा भाटिया नयी दिल्ली, 18 जून ( PIB)। जानी-मानी फ़िल्म एडिटर दीपा भाटिया ने आज 19वें मुंबई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल (एमआईएफएफ 2026) के दौरान आयोजित "सर्वाइविंग द कट" नाम की कार्यशाला

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