लोक सभा अध्यक्ष की कुर्सी पर विश्वास का संकट: -जयसिंह रावत भारतीय संसदीय व्यवस्था में लोक सभा अध्यक्ष का पद केवल एक संवैधानिक पद नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा और निष्पक्षता का प्रतीक माना जाता है। अध्यक्ष को परंपरागत रूप से सरकार और विपक्ष दोनों से ऊपर, सदन के संरक्षक और पंच परमेश्वर की भूमिका में देखा जाता है। ऐसे में जब किसी मौजूदा लोक
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