तटीय क्षेत्रों में आजीविका, पोषण और हरित अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार: नई दिल्ली। भारत की 11,099 किलोमीटर लंबी तटरेखा समुद्री शैवाल की खेती के लिए अपार संभावनाएं समेटे हुए है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार समुद्री शैवाल को ब्लू इकोनॉमी के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के
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